computer jankari हिन्दी में

computer jankari हिन्दी में 


नमस्कार दोस्तों आपका so work  स्वागत है दोस्तों आज हम अपनी पोस्ट में computer jankari हिन्दी में देने जा रहे है आप हमरो पोस्ट को पूरा पढ़िए आशा है दोस्तों आप जरूर पड़ेगे। 
computer jankari हिन्दी में

जैसे की दोस्तों आप जानते है की आज कल आम लोगो के काम की जरुआत बन गया है कंप्यूटर ,computer की खोज किसने की कंप्यूटर कैसे काम करता है अदि बातो की चर्चा हम कारने बाले है। 


  • computer jankari jane 

कंप्यूटर को सिर्फ एक लाइन में बताया जाए तो यह एक ऑटोमेटिक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो कि किसी भी कार्य को बहुत ही जल्दी और कम समय में कर सकती है. कंप्यूटर का इस्तेमाल शुरू में सिर्फ गणना करने के लिए बनाया गया था लेकिन इसमें जैसे-जैसे बदलाव किए गए इसमें अलग-अलग डिवाइस को जोड़ा गया तो इसका काम और भी बेहतर और और भी ज्यादा बड़ा बन गया. कंप्यूटर को हिंदी में संगणक कहते हैं. कंप्यूटर आज हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन गया है आज हर जगह आपको कंप्यूटर देखने को मिलता है. कंप्यूटर का इतना ज्यादा इस्तेमाल होने के कई कारण है। 
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कंप्यूटर द्वारा आप कोई भी कार्य है बहुत ही जल्दी कर सकते हैं. इसीलिए आज कंप्यूटर का इस्तेमाल इतना ज्यादा हो गया है. इसीलिए आज कंप्यूटर में शिक्षा क्षेत्र, बैंकिंग क्षेत्र, व्यापार में, हॉस्पिटल, इत्यादि में देखने को मिलता है. लेकिन हर किसी को नहीं पता होता कि आखिर कंप्यूटर क्या है और कैसे काम करता है और इसके कौन कौन से हिस्से हैं जिनका इस्तेमाल काम करने के लिए किया जाता है। इससे पहले हमने आपको एक पोस्ट में बताया था कि कंप्यूटर की कौन-कौन सी इनपुट और आउटपुट डिवाइस होती है जिसकी मदद से हम कंप्यूटर में कोई भी डाटा भेज सकते हैं या वापस ले सकते हैं। 

एक पूरे कंप्यूटर को चलाने के लिए दो चीजों की आवश्यकता होती है.यह भौतिक भाग इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रिकल, मैग्नेटिक, मैकेनिकल अथवा ऑप्टिकल कुछ भी हो सकते हैं ऐसे कुछ भाग हैं माइक्रोप्रोसेसर, इंटीग्रेटेड सर्किट, हार्ड डिस्क, ऑप्टिकल डिस्क, कलर मॉनिटर, Keyboard ,प्रिंटर एवं प्लॉटर आदि. अगर आसान भाषा में कहीं तो कंप्यूटर का हार्डवेयर उस डिवाइस को कहा जाएगा जिसे हम देख सकते हैं छू सकते हैं जैसे कि कीबोर्ड , माउस , डिस्प्ले , प्रिंटर , स्कैनर ,CPU इत्यादि तो इन सभी डिवाइस को हम छू सकते हैं। 

और आप  देख सकते हैं. और यही डिवाइस हार्डवेयर में इनपुट और आउटपुट का काम करते हैं. Hardware और Software लेकिन बहुत से लोगों को नहीं पता कि आखिर इन दोनों में क्या अंतर है. इन दोनों में बहुत ज्यादा अंतर है यह दोनों एक दूसरे के ऊपर निर्भर होते हैं अगर कंप्यूटर का हार्डवेयर खराब हो जाए तो सॉफ्टवेयर किसी काम का नहीं होता और अगर सॉफ्टवेयर खराब हो जाए तो हार्डवेयर किसी काम का नहीं होता है। 


  • computer kisne banaya tha

दोस्तों कंप्यूटर शब्द अंग्रेजी के C o m p u t e शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है गणना करने बाला यंत होता है इसीलिए इसे गणक या संगणक या अभिकलक यंत्र भी कह सकते है। और इसका अविष्‍कार Calculation करने के लिये हुआ था सीधी भाषा मेंं कंप्‍यूटर Calculation करने वाली मशीन थीबेल लेबोरेटरीज में 1947 में का ट्रांजिस्टर आविष्कार किया है ,ट्रांजिस्टर एक स्विच की तरह काम करता है। 

जो की सर्किट को ON या ऑफ कर सकता है और ये एम्पलीफायर की तरह भी काम करता है |ट्रांजिस्टर के आने से कंप्यूटर की दुनिया में बहुत ज्यादा बदलाव आया पहले  जो कंप्यूटर थे उनका साइज बहुत बड़ा था लेकिन ट्रांजिस्टर से उन्ही कंप्यूटर का साइज बहुत छोटा हो गया। इसके बाद आया माइक्रोप्रोसेसर जिसके कारण कंप्यूटर की स्पीड बढ़ गई। 


  • computer ka aviskar

दोस्तों सबसे पहला कंप्यूटर का mechanical computer ने  सन 1822 में Charles Babbage द्वारा आविष्कार किया गया था। लेकिन ये अभी के computer जैसा बिलकुल भी नहीं दिखता था।  वहीँ सन 1837 में, Charles Babbage ने पहला general mechanical computer  propose किया जिसका नाम रखा Analytical Engine कंप्यूटर शब्द का प्रथम प्रयोग वर्ष 1613 में अंग्रेज लेखक रिचर्ड ब्रेथवेट की पुस्तक में लिखा गया  '"द यंग मैन ग्लीनिंग्स"' को  पाया गया था ।

समय के सबसे सही कम्प्यूटरों को और धरा पे जन्मे सर्वोत्तम अंक गणितज्ञ  (Mathematician)को पढ़ा है। यह उस व्यक्ति के बारे में बताता है जो गणनाएँ (computations) करता था,सबसे पहला mechanical computer को सन 1822 में Charles Babbage द्वारा आविष्कार किया गया था, लेकिन ये अभी के computer जैसा बिलकुल भी नहीं दिखता था। सन 1837 में Charles Babbage ने पहला  general mechanical  computer propose किया जिसका नाम रखा  Analytical Engine था। 


  • computer ki khoj

कंप्यूटर का अविष्कारक  Charles Babbage को भी माना जाता है। क्योंकि सबसे पहले उन्होंने Programmable Computer का डिजाईन तैयार किया था। सन 1822 में  Charles Babbage नें “डिफरेंशिअल इंजन” नाम के मैकेनिकल कंप्यूटर का आविष्कार किया था |इसके बाद 1938 में United States Navy ने इलेक्ट्रो मैकेनिकल कंप्यूटर बनाया | जिसका नाम था टारपीडो डाटा कंप्यूटर Torpedo Data Computer इसके बाद सन 1939 में Konrad Zuse ने  Z2 कंप्यूटर बनाया था। 

जिसमे पहली बार वैक्यूम ट्यूब्स का इस्तेमाल किया गया था और ये ही सबसे पहला  Electromechanical Relay कंप्यूटर माना जाता था। इसके बाद में इस को और बेहतर बनाया गया और बाद में  Z3 कंप्यूटर बनाया गया जिसमें लगभग 2000 रिले का इस्तेमाल किया गया लेकिन पैसे की कमी होने के कारन वो पूरा न हो सका तभी से यह शब्द २०वी शताब्दी के मध्य तक इस सन्दर्भ में हूबहू प्रयोग होता आ रहा है। उन्नीसवी शताब्दी के अंत से इस शब्द ने और ज्यादा व्यवहारिक रूप ले लिया, यानी कि वो यन्त्र जो गणनाएँ करता है।Computer व Computer user नाम भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जारी किये गए हैं।

दोस्तों अपने हमारी पोस्ट computer jankari हिन्दी में पड़ी आपको कैसी लगी आप जरूर बताये। 

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