Mobile ki khoj kisne ki और कब किया था

मोबाइल की खोज किसने की और कब किया था। Mobile ki khoj

Mobile ki khoj kisne ki और कब किया था
Mobile ki khoj kisne ki और कब किया था

हेलो, मोबाइल की खोज किसने की और कब किया था, मोबाइल का खोज वर्ल्ड में, फर्स्ट मोबाइल कब बना। मोबाइल को फास्ट (प्राइस) क़ीमत क्या थी? इंडिया में मोबाइल की शुरुआत कब हुई? मोबाइल के मुख्य विशेषता क्या है। मोबाइल की शुरुआती दिन में कैसे गुजरा, इंडिया में 5जी लांच कब हुआ आदि बातों पर हम इस पोस्ट में आपके साथ चर्चा करेंगे, आप हमारी पोस्ट में बने रहें चलिए शुरू करते हैं।



मोबाइल की खोज किसने की (Mobile ki khoj kisne ki) 


नमस्कार दोस्तों में Bhawna आज आ जानेगे की mobile ki khoj kisne ki और आप मोबाइल के बारे में बिस्तर से जानेगे तो दोस्तों जैसे कि आप जानते है कि आज कल लगभग हर इंसान की ज़रूरत mobile बन चुका है क्यों की देखा जाये तो मोबाइल आज कल हमारा पता बन चूका है।

आज कल देखा जाता है कि आज एक परिवार का रूप ग्रहण कर चुका है और हालत यहाँ तक पहुँच गयी है कि कोई भी व्यक्ति विश्व के किसी भी हिस्से में स्थित दूसरे आदमी से पलभर में संपर्क कर सकता है। यह सब मुमकिन हुआ है मात्र एक उपकरण के आविष्कार के कारण और वह है।

मोबाइल फोन, कृषि क्रांति, औद्योगिक क्रांति से सूचना क्रांति के इस उपकरण ने मानव जीवन पर गहरा असर डाला है। लेकिन क्या आपको मालूम है पूरे विश्व को समीप ला देने वाले इस Mobile ka aviskar kisne kiya तो हम बता दे कि सर्वप्रथम इसको 3 अप्रैल 1973 को अमेरिकी इंजीनियर मार्टिन कूपर (Martin Cooper) ने बनाया था।


दुनिया का सबसे तेज मोबाइल (World ka fast mobile) 


विश्व का पहला मोबाइल कॉल आज से 45 साल पहले (1973) स्वयं मोबाइल फ़ोन के आविष्कारक मार्टिन कूपर द्वारा अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से न्यू जर्सी में स्थित Bell Labs के मुख्यालय में किया गया था। यह पहला मोबाइल बहुराष्ट्रीय दूरसंचार कम्पनी 'Motorola' का था।

1970 में वे इसी कंपनी में एक इंजीनियर के रूप में पदभार संभाल बेतार संचार-व्यवस्था wireless communication के उपकरणों को बनाने का प्रयास करने लगे, जिसके फलस्वरूप दुनिया के पहले मोबाइल फ़ोन का आविष्कार हो सका।

मार्टिन कूपर द्वारा बनाये गए पहले मोबाइल फ़ोन का वज़न लगभग 2 Kg था एक बार चार्ज होने के बाद उस मोबाइल से 30 मिनट तक बाते कि जा सकती थी लेकिन उसे दोबारा चार्ज करने में 10 घंटे का समय लगता था उस समय उसकी क़ीमत लगभग 2700 अमेरिकी डॉलर (2 लाख रूपए) थी।


मोबाइल की प्रथम क़ीमत (Mobile ki fast price) 


1973 में उसे 0G (Zero Generation) मोबाइल फ़ोन उस समय उसकी क़ीमत लगभग 2700 अमेरिकी डॉलर (2 लाख रूपए) थी। 1973 में उसे 0G (Zero Generation) मोबाइल फ़ोन कहा जाता था। पहले मोबाइल फ़ोन के आविष्कार के 10 साल बाद वर्ष 1983 में मोटोरोला ने आम लोगों के लिए पहली बार मोबाइल बाज़ार में लाया।

जिसका नाम था–Motorola DynaTAC 8000X । एक बार चार्ज होने के बाद इससे 30 मिनट तक बाते हो सकती थी। इसमें 30 मोबाइल नंबर भी save किया जा सकता था और उस समय उसका मूल्य 3995 अमेरिकी डॉलर रखा गया था।


भारत में mobile की शुरुआत (India me mobile ki suruaat) 


दोस्तों भारत में मोबाइल फ़ोन का आगमन दुनिया के पहले मोबाइल (DynaTAC 8000X) बनने के 12 साल बाद 31 जुलाई, 1995 को हुआ। मतलब आज से 23 वर्ष पहले। दूरसंचार सेवाओं के विस्तार के लिए भारत में 20 फरवरी, 1997 में ट्राई (Telecom Regulatory Authority of India) की स्थापना कि गयी।

भारत में मोबाइल सेवा प्रारम्भ करने का प्रयास वर्ष 1994 के मध्य से ही भारत के उद्यमी भूपेन्द्र कुमार मोदी द्वारा किया जाने लगा था। उन्हीं की कंपनी 'Modi Telstra' ने देश में पहली बार मोबाइल सेवा का प्रारम्भ किया तथा पहला मोबाइल काॅल इसी कंपनी के नेटवर्क (जिसे मोबाइल नेट कहा जाता था) पर कोलकता से दिल्ली किया गया था। इसी कंपनी को आगे चलकर 'Spice Mobiles' के नाम से जाना गया।


मोबाइल की विशेषता (Mobile ka mukhy kary) 


मोबाइल की विशेषता यह है कि वह घर, दफ्तर, शहर या शहर के बाहर कहीं भी दूर सुनसान जगह आदि में भी कार्य कर सकता है। जहाँ चाहे वहाँ कार्य करने की प्रणाली उपलब्ध है। किसी भी जगह से हम मोबाइल का उपयोग कर सकते हैं,

जबकि वायरलेस / वायरलेस लैन (Local Network) का मतलब है कि दो भिन्न प्रकार के यंत्रों आदि को बिना तार के जोड़ना व उसी प्रकार सामान्य रूप से कार्य करना जैसे कि तारों को जोड़ कर किया जाता हैं। मोबाइल का मतलब है कि आप अपना कार्य जहाँ चाहे ले जा सकते हैं,

चाहे आप घर में हों, हवाई जहाज़ में बैठे हों, होटल में हों, चाहें कहीं दूर, आप इसके फायदे वहाँ बैठ कर उठा सकते हैं, चाहे आपको बात करनी हो या अपने मोबाइल को कंप्यूटर से जोड़कर कोई नई फाइल या फोल्डर खोलना हो या फिर कुछ आंकड़ों का आदान-प्रदान करना हो या ई-मेल भेजना हो या देखना हो, मोबाइल के जरिये आप दुनिया भर की सूचनाएँ अपने साथ ले जा सकते हैं, देख सकते हैं व उनका प्रयोग जहाँ चाहे वहाँ कर सकते हैं।


शुरू में मोबाइल (Mobile ke suruaati dam) 


दोस्तों, आपने Nokia 1100 मोबाइल कभी न कभी तो खरीदा ही होगा लेकिन क्या आपको मालूम है, यह अभी तक के इतिहास में सबसे ज़्यादा बिकने वाला मोबाइल फ़ोन तथा electrical gadgets है। पूरी दुनिया में इसके 25 करोड़ से ज़्यादा सेट बिके थे।

मात्र 5 वार्षों में वर्ष 1983 में जो पहला मोबाइल आम लोगों के लिए अमेरिकी बाज़ार में लाया गया था उस समय उसकी क़ीमत $4000 थी। मतलब आज के हिसाब से 296440 रूपए! वर्ष 2012 में Apple कंपनी ने हर दिन 3, 40, 000 से ज़्यादा iPhones बेचे थे, जिसका अर्थ हुआ हर सेकेंड 4 iPhone बिक रहे थे! और एक वर्ष में 12 करोड़ 41 लाख से ज्यादा।


भारत में 5g लांच कब (India me 5g lanch kab huaa) 


वर्तमान में 5g सेवा विश्व स्तर पर व्यावसायिक रूप में प्रयोग करने के लिए उपलब्ध नहीं है लेकिन, Ministry of Communications की योजना इसे जल्द से जल्द भारत में लाने की है। भारत में 5g सेवा वर्ष 2022 या 2023 तक शुरू होने कि संभावना है। देश में Reliance Jio और Samsung कंपनी साथ मिलकर अभी इस प्रौद्योगिकी को विकसित करने का प्रयास कर रही है।

पोस्ट निष्कर्ष

दोस्तों आपने इस पोस्ट में मोबाइल की जानकारी ली, मोबाइल की शुरुआत कब हुई, मोबाइल के प्रथम जनक कौन हैं? भारत में मोबाइल कब क्या कैसे लांच हुआ? जानकारी को पढ़ा आशा है आपको हमारी यह पोस्ट ज़रूर पसंद आई होगी। हमारी पोस्ट mobile ki khoj kisne ki को पड़ा केसी लगी आप कमेंट में ज़रूर बताये। अपने दोस्तों के साथ इसे पोस्ट को ज़रूर सोशल नेटवर्क के माध्यम से सांझा करें। धन्यवाद

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